जन्म से लेकर मरत तक घुस देवत म जिन्दगी पहा जाथे

हमर देश ह अंग्रेज मन के 200 साल तक गुलाम रहिस हावय, लेकिन ओ समय म नियम कानून कायदा डर भैय रिती रिवाज तको हर अति रहिस हावय। कोनो कुछु…
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शाश्वत सत्य के पथ-प्रदर्शक गुरु

आज के संदर्भ में ‘गुरुपूर्णिमा’ का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि दुनिया भौतिकता के पीछे पागलों की तरह दौड़ रही है। ‘आध्यात्मिकता’ से पलायन ही ‘भौतिकता’ की शुरूआत…
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माता कर्मा बाई और खिचड़ी भोग

भगवान श्रीकृष्ण की परम उपासक कर्मा बाई जी जगन्नाथ पुरी में रहती थी और भगवान को बचपन से ही पुत्र रुप में भजती थीं । ठाकुर जी के बाल रुप…
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प्रगति गोण्डवाना महिला समाज द्वारा वीरांगना दुर्गा वती कोश्रध्दाँजलि अर्पित किया गया

बलिदान दिवस पर गोण्डवाना कीमहारानी दुर्गा वती को सुबह दुर्ग मे तथा कार्यक्रम स्थान जुनवानी भिलाई मे श्रद्धा न्ज लि दी गई।उक्त अवसर पर भिलाई नगर के ऊर्जा वान विधायक…
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दुर्ग जिला की साहित्य व कला जगत की 100 प्रतिभाये सम्मानित हुई

रायपुर/भिलाई/दुर्ग। “सौ से अधिक प्रतिभाओं को एक मंच पर लाकर अच्छे में अच्छों का चयन कर सम्मानित करने की मुक्त कंठ एवं वक्ता मंच का संयुक्त प्रयास स्वागत योग्य है,…
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छत्तीसगढ़ अउ संत कबीर 

हमर देश के संस्कृति अउ सभ्यता ह सदा ले अब्बड़ समृद्ध रिहिस हे. धन -धान्य ले संपन्न भारत ह” सोना के चिड़ियाँ कहलाय. ये सोन रुपी चिरई ल लूटे बर…
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गोंड जनजाति का विश्वविद्यालय घोटुल

घोटुल तो गोंड जनजाति का विश्वविद्यालय है। समाज-शिक्षा का मन्दिर है। लिंगो पेन यानी लिंगो देवता की आराधना का पवित्र स्थल है। लिंगो पेन घोटुल के संस्थापक और नियामक रहे…
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कबीर अउ छत्तीसगढ़ में कबीर धाम

कबीर जयंती (14जून )बर खास आलेख भारत भर म बड़े बड़े  संत- कवि मन जनम लीन हावंय।जेमा कबीर दास जी के नाव ह सबले ऊपर म आथे।समाज के कुरीती,अंधबिसवास,छुआछूत, ऊंच-नीच,भेदभाव…
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छत्तीसगढ़ी लोक गीत के अमर गायक- लक्ष्मण मस्तुरिया 

7 जून –  लक्ष्मण मस्तुरिया के जयंती म विशेष … मोर संग चलव रे, मोर संग चलव जी… मंय छत्तीसगढ़िया अंव… पता दे जा रे गाड़ी वाला… पड़की मैना… मंगनी…
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अक्ती से कृषि कार्यों का प्रारंभ

अक्षय तृतीया का लोक रूप ‘अक्ती’ है। लोक पर्व अक्ती संपूर्ण छत्तीसगढ़ में किंचित भिन्नताओं के साथ मनाया जाता है। अक्ती के मूल में कृषक जीवन के श्रम और श्रंृगार…
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