शाश्वत सत्य के पथ-प्रदर्शक गुरु

आज के संदर्भ में ‘गुरुपूर्णिमा’ का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि दुनिया भौतिकता के पीछे पागलों की तरह दौड़ रही है। ‘आध्यात्मिकता’ से पलायन ही ‘भौतिकता’ की शुरूआत…
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