छत्तीसगढ़ के36 परकार के भाजी म हावे  सब्बो  बीमारी के इलाज —

1 कुसमी भाजी –पत्तियों की बनावट के कारण अनोखी देखने वाली  भाजी आयुर्वेदिक दवाई से कम नहीं है इसके रस को पीने से गले की खराश दूर हो जाती है।…
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छत्तीसगढ़ के संस्कृति में शामिल–अखण्ड रामायण पाठ–

हमर छत्तीसगढ़ी संस्कृति में अखण्ड रामायण पाठ बहुत गहरई ले जनमानस के अंतस में समाय हे। गांव में आज भी रामायण के बड़ सममान, आदर,अउ श्रद्धा लोगन में मन म…
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हरेली विशेष – बछर के पहिली तिहार, हरेली के गाड़ा गाड़ा बधई

हरी चुनरिया ओढ़ धरती ने कर लिया श्रृंगार। आओ मनाएं खुशियां कि आया हरियाली त्यौहार।। हरेली तिहार (हरियाली त्यौहार) छत्तीसगढ़ का सबसे प्रमुख त्यौहार है। सावन मास के, कृष्ण पक्ष…
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गांव म रोका-छेका तईहा के चलत हे–

हमर ग्रामीण अंचल में लोक संस्कृति के भंडार भरे हवे। गंवई-गांव में किसिम-किसिम के तिहार माने जाथे, जेकर अलग-अलग संदेश भरे होथे। ग्रामीण संस्कृति के जुड़ाव सोझे प्रकृति ले जुड़े…
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