रिलोगीत – छत्तीसगढ़ का जनजातीय विवाह गीत

रिलो..रिलो..रिलो..साँय रिलो रे… मोर सुरडोंगर गाँव के सुघर डोंगरी। बालोद जिला डौण्डी ब्लाक आदिवासी गाँव   इस्कूल मेर हनुमान मंदिर हवय पीपर छाँव   गाँव के निंगती हवय माता सीतला…
Read More

सावन के बदरा

सावन के बदरा झुमके लाए बहार आग हे संगवारी हरेली तिहार।। सावन के माह भोले के तिहार बेल पाती और धतूरा के सिंगार हरीयर लुगरा पहन की धरती करे श्रृंगार।।…
Read More

छत्तीसगढ़ी गीत – दिवाना बना डारे रे मीठ मीठ भाखा ल बोल के

       दिवाना बना डारे रे मीठ मीठ भाखा ल बोल के रखे हौं तोला मोर मन के मंदिर मा हिरदे मा बने चिपोट के   दुरिहा ले देखेंव…
Read More

छत्तीसगढ़ी गीत – सजना मोर जइसे पवन चले, हितवा मोर जइसे नदिया बहे

        सजना मोर जइसे पवन चले, हितवा मोर जइसे नदिया बहे, तइसे तोर मोर संग, रंगे मया के रंग, चलही, दुनिया चले न चले।   बादर के…
Read More

छत्तीसगढ़ी गीत – जिवलेवा घाम जरय जेठ बइसाख के। बटोहिया रे अगौर लेते ना।

      जिवलेवा घाम जरय जेठ बइसाख के।  बटोहिया रे  अगौर लेते ना।    मन के मिलौना छोड़े  जिनगी अधूरा होगें।  काँच सही दरके सुपना छिन मा चूरा होगें …
Read More

आगे असाढ़ गिरत हे पानी चूहत हे घर के छानही

         आगे असाढ़ गिरत हे पानी चूहत हे घर के छानही कबरा कुसुवा बइला धरके  करबो खेती किसानी   अरत तता नांगर फान्दे जाबो धरके रांपा झंऊहा…
Read More
Menu