आजादी के समर्पित सेनानी-विद्या प्रसाद यादव

आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष.. देश की आजादी की लड़ाई के लिए संकल्पित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में जब उग्रवाद काल (गरम दल) का दौर चल रहा था और लाल…
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*”बेरा-बेरा के बात”– अबेवस्था के विरुद्ध  शंखनाद आय*

छत्तीसगढ़ के संस्कृति अउ लोककला परम्परा के अध्येता डॉ. पीसी लाल यादव जी छत्तीसगढ़ के स्थापित सशक्त साहित्यकार आँय।जिंकर लेखनी हिंदी अउ छत्तीसगढ़ी दूनो भाषा म गद्य अउ पद्य दूनो…
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शाश्वत सत्य के पथ-प्रदर्शक गुरु

आज के संदर्भ में ‘गुरुपूर्णिमा’ का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि दुनिया भौतिकता के पीछे पागलों की तरह दौड़ रही है। ‘आध्यात्मिकता’ से पलायन ही ‘भौतिकता’ की शुरूआत…
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