प्रगति गोण्डवाना महिला समाज द्वारा वीरांगना दुर्गा वती कोश्रध्दाँजलि अर्पित किया गया

बलिदान दिवस पर गोण्डवाना कीमहारानी दुर्गा वती को सुबह दुर्ग मे तथा कार्यक्रम स्थान जुनवानी भिलाई मे श्रद्धा न्ज लि दी गई।उक्त अवसर पर भिलाई नगर के ऊर्जा वान विधायक…
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दुर्ग जिला की साहित्य व कला जगत की 100 प्रतिभाये सम्मानित हुई

रायपुर/भिलाई/दुर्ग। “सौ से अधिक प्रतिभाओं को एक मंच पर लाकर अच्छे में अच्छों का चयन कर सम्मानित करने की मुक्त कंठ एवं वक्ता मंच का संयुक्त प्रयास स्वागत योग्य है,…
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छत्तीसगढ़ अउ संत कबीर 

हमर देश के संस्कृति अउ सभ्यता ह सदा ले अब्बड़ समृद्ध रिहिस हे. धन -धान्य ले संपन्न भारत ह” सोना के चिड़ियाँ कहलाय. ये सोन रुपी चिरई ल लूटे बर…
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गोंड जनजाति का विश्वविद्यालय घोटुल

घोटुल तो गोंड जनजाति का विश्वविद्यालय है। समाज-शिक्षा का मन्दिर है। लिंगो पेन यानी लिंगो देवता की आराधना का पवित्र स्थल है। लिंगो पेन घोटुल के संस्थापक और नियामक रहे…
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छत्तीसगढ़ी लोक गीत के अमर गायक- लक्ष्मण मस्तुरिया 

7 जून –  लक्ष्मण मस्तुरिया के जयंती म विशेष … मोर संग चलव रे, मोर संग चलव जी… मंय छत्तीसगढ़िया अंव… पता दे जा रे गाड़ी वाला… पड़की मैना… मंगनी…
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छत्तीसगढ़ महतारी के रतन बेटा – डॉ. नरेश कुमार वर्मा 

16 अप्रैल –  वार्षिक श्राद्ध मा विशेष  छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के प्रतीक रीहिस हे  एक भाषाविद्, कवि, गद्यकार अउ संपादक के रूप म अपन एक अलग छाप छोड़िस  हमन महान व्यक्ति…
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बोलियों के विकास क्रम में तुलनात्मक अध्ययन अवधी से छत्तीसगढ़ी में

बोलियां भाषा का पूर्वरूप है जिसमें भाषा जितना परिष्कार और चमक दमक भले ही न हों किन्तु सहजता और स्वाभाविकता होती है। कोई बी बोली या भाषा अचानक नहीं बनती…
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वरिष्ठ कवियित्री आदरणीय पद्ममा जोशी के निवास स्थान पर कवि गोष्ठी का कार्यक्रम रखा गया था

वरिष्ठ कवियित्री आदरणीय पद्ममा जोशी के निवास स्थान पर कवि गोष्ठी का कार्यक्रम रखा गया था।, मुख्य अतिथि के रुप में विद्या गुप्ता जी, विशेष अतिथि पुष्पा तिवारी, अतिथि के…
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हमर पुरखा – जन कवि मरहा के  91 वीं जयंती मा विशेष 

हंसाय के साथ बेवस्था परिवर्तन के बात करय मरहा हा शोषण करइया मन ला खूब ललकारय     हमर छत्तीसगढ़ मा जउन समय मा हिन्दी लिखइया साहित्यकार मन के गजब जोर…
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जनकवि कोदूराम “दलित” के काव्य मा नारी विमर्श 

देश के बड़का साहित्यकार मन बेरा-बेरा म स्त्री विमर्श के बात अपन गद्य/पद्य म कहत रहे हवँय। इही क्रम म छत्तीसगढ़ के मूर्धन्य साहित्यकार अउ जनकवि कोदूराम “दलित” मन घलाव…
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