कोरोना पुराण (विनोद गौतम कलाकार)

                                     कोरोना पुराण
                   
हाय रे कोरोना तूने ये क्या कर डाला, 
लाॅकडाऊन के चक्कर मे शराब प्रेमियों को किस कदर रूला डाला ।

अब तू ही देख ले दम तुझमे है या शराब मे, 
रौंद रहे हैं सारे नियमो को तू खुद ही देख ले ऑख से ।

सामाजिक दूरी बनाना तो दूर मजबूरी बताते हैं, 
जिंदगी जीने के लिये शराब जरूरी बताते ।
सरकार बढा ले दारू के दाम चाहे  जितना, 
रकम पूरी की पूरी पटाते है ।
पूछने पर जनाब ए ऑलम यह बताते हैं, 
हुजूर - हम भी फंसे हुए लोगो की मदद करना चाहते हैं ।
बस यही कारण है कि हम भी M.R.P.से थोड़ा ज्यादा पटाते है ।।

एकता का पाठ पढ़ाते पढ़ाते बूढ़ी हो गई पाठशाला- 
पर एकता कहीं  नजर नहीं आई ,

एकता का उदाहरण यदि देखना हो तो,
 ठीक 8 बजे तक मधुशाला पहुंचो भाई ।
वहां आपको सभी दिखें गे, 
             हिन्दु मुस्लिम सिख ईसाई ।।

मुंह पर मास्क नही शराब जरूरी है, 
अरे देखो इन नादानो को शराब इनकी कैसी मजबूरी है ।
और दाम चुकाते है इतना ,
       जो इनकी दो दिन की मजदूरी है ।

अरे नादानो अब तो जागो ,
                       अब तो खोलो ऑंखें ।
खाओ कसम मिलजुल कर हम, 
                 कोरोना को रहेंगे भगाके ।

शासन के नियमो का पालन करेगें, 
    कोरोना सैनिकों का सम्मान करेगें ।
मुह पर मास्क लगायेंगे ,
               समाजिक दूरी बनायेंगें ।
बार-बार हाथ धुलायेंगें, 
        स्वछता को अपनायेंगें ,
घर पर समय बिताएंगे, 
     हम कुछ नया करके दिखायेंगे ।


        मोदी जी की बानी ,
                           ये गौतम भी कहेगा,
          जान भी रहेगी,  
                       और जहान भी रहेगा ।
         तभी तो मेरा देश महान रहेगा 


                      विनोद गौतम 
              लोक कलाकार/ रंगकर्मी 
       बजरंग पुर नवागांव, राजनांदगाँव 
                    ( छत्तीसगढ़ )
mo no.6266279214

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