तिहार मन ला सासन के आदेस के सेती घर म रहि के ही माने बर परही



अभी हमन बीते कुछ दिन पहिली हरेली के तिहार मनाए हन। ऐसो पानी ह बने ढंग ले चारो कोती गिरत हे, तेकरो सेती किसान मन के मन म बड़ उत्साह दिखिस। अब तो अंचल में लगातार तिहार के बेरा आगे हे। राखी, कमच्छट, तीजा, पोरा तहाने देवारी दसेरा सब लैन से लगे हे। फेर अब जेन अवस्था हमन देखत हन कि अब तिहार मन ल सासन के आदेस के सेती घर म रही के ही माने बर परही। कतको अकन सरकारी आयोजन मन घलो रद्द होवत हे, काबर कि करोना महामारी के प्रकोप दिनों दिन बाढ़त जात हे। हमन ल अपन परंपरा, संस्कृति संग सासन के आदेश ल घलो मानना हे, काबर कि सासन ह जोन भी उपाय करथे वोहा जनता के हित बर रहिथे। त हमरो मन के जिम्मेदारी बनथे कि सासन के आदेश के पालन करत अपन करतब के निर्वहन करन। येहू बात हमर तीज-तिहार म घलो लागू होथे। हमन ल अपन संयम से काम लेवत सब बने के प्रयास म कोनो कमी नी करना चाही। इही म ही हम सबके भलई हावे। करोना बिमारी ले पार पाना हमर उद्देश्य म होना चाही। हम बने रबो त सब कुछ अपने अपन बने होही। घर न कमती निकलन। पूरा सावधानी रखन। अइसने करत हम महामारी ले निजात पा सकत हन। त आवव संकल्प लेके अपन जिम्मेदारी ल पूरा करन। ऐकरे संग घर म रहिके अपन रोटी पीठा खावत तिज तिहार मनावत जिनगी ल जियन, 

जय जोहार...। 


                                 गोविंद साहू (साव)

                     संपादक

                 लोक कला दर्पण 

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