अब्बड़ छपय लखन लाल दीपक जी के रचना हा

पुरखा के सुरता ...

कम उम्र मा ये दुनियां ला छोड़ दिस !

मनखे हा कतिक दिन जिनगी जियिस ओकर महत्व नहीं (नई )हे. बल्कि येकर महत्व हे कि वोहा अपन जिनगी मा का अच्छा काम करिस।समाज मा अपन कइसन चिन्हा छोड़िस जेकर ले दूसरा मनखे मन ला प्रेरणा मिल सके। वइसे गुनिक आदमी हा ये दुनियां ले जल्दी चले  जाथे ता  हमन ला अब्बड़ अखरथे । कई घांव अइसे होथे जेमा बिश्वास नहीं होवय कि अमुक आदमी हमर बीच मा अब नहीं हे ।अइसने हमर गाँव सुरगी मा एक गुनिक रिहिस जेकर नाव रिहिस लखन लाल साहू  "दीपक "। दीपक जी हा कम उम्र मा ये दुनियां ला छोड़ के चले गे। वोहा जवान मन बर प्रेरणास्रोत रिहिस।

  लखन लाल दीपक के जनम 12 सितंबर 1945  मा होय रिहिस. ओकर बाबू जी के नाव दुकालू राम साहू अऊ दाई(माता) के नाव बिसा बिसा बाई साहू रिहिस। अपन माता जी ला दीदी कहिके पुकारय। दीपक के पिता जी दुकालू राम के पहचान एक बढ़िया बढ़ई के रूप मा रिहिस हे। वोकर बनाय मोहरी ला लेय बर गजब दूरिहा ले लोक कलाकार मन ऊंकर घर आय। दाई हा धार्मिक सुभाव के राहय । दीपक जी हा चार भाई अउ तीन बहन मन मा बड़का रिहिस हे । आर्थिक दृष्टि ले परिवार हा साधारण रिहिस हे ।

    दीपक के प्राइमरी अउ मैट्रिक तक के पढ़ई लिखई सुरगी मा होइस । सुरगी मा सन् 1961 मा जन सहयोग ले हाईस्कूल खुल गे रिहिस हे. सिरिफ 9 पढ़इया लईका मन ले शुरुवात होय रिहिस । दीपक  हा पढ़ई लिखई मा गजब हुशियार रिहिस हवय । वोकर शादी टेड़ेसरा (सोमनी) के  श्याम बाई के साथ होइस.  साहित्य पुस्तक पढ़ना अउ पेन्टिन्ग काम मा रूचि रिहिस । जवान लईका मन ला संगठित करके गाँव के इमली पारा मा गणेश उत्सव के आयोजन करय ।सुग्घर ढंग ले लोक कलाकार मन के सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे जाय । मेहा पहली बार हमर गाँव सुरगी मा लोक कलाकार रामाधार साहू ( कचान्दुर ) के चन्देनी (लोरिक चन्दा) कार्यक्रम देखे रेहेंव। दीपक जी हा अब्बड़ सीधा अउ हंसमुख स्वभाव के इन्सान रिहिस । घर परिवार ला सुग्घर सकेल के रखय ।संगे संग गाँव के सामाजिक, अउ सांस्कृतिक कार्यक्रम मा घलो गजब रूचि लेय । 

साहित्य मा तो वोकर आत्मा हा रच बस गे रिहिस । दैनिक सबेरा संकेत के रविवारीय अंक के साथ आपके पत्र स्तंभ, नवभारत रायपुर, देशबन्धु रायपुर, अरूणादित्य राजनांदगांव (संपादक - आदित्य प्रसाद वर्मा) अउ कतको पत्र पत्रिका मा कविता अउ लेख लगातार प्रकाशित होवत रिहिस । अादित्य प्रसाद वर्मा हा सुरगी हाईस्कूल के प्राचार्य रिहिस हे ।सम सामयिक विषय मा सुग्घर कलाम चलाय । संगे संग वोहा गाँव के युवा मन ला कविता अउ लेख लिखे बर प्रेरित करय । तेकर सेति दीपक जी ला रचनाकार अउ लोक कलाकार मनाजीत मटियारा,मानस व्याख्याकार हरभजन सिंह भाटिया, मुकुन्द राम सोनवानी, बसन्त कुमार साहू, धर्मेन्द्र पारख मीत मन हा श्रद्धा भाव से याद करथे । महू हा दीपक जी के परिवार के हरो । वोहा मोरो प्रेरणास्रोत हरे ।

 किसान परिवार के दीपक हा शिक्षक  रिहिस ।वोकर पहिली नियुक्ति राजनांदगांव जिले के खुज्जी परिक्षेत्र के शासकीय प्राथमिक शाला बड़भूम मा होय रिहिस ।फेर सुरगी के नजदीक बुचीभरदा, भर्रेगाँव, हाईस्कूल भरदाकला  (अर्जुन्दा ) अउ शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सुरगी मा अपन सेवा दिस ।  पढ़ाई के संगे संग अपन सुग्घर व्यवहार ले पढ़इया लइका मन के बीच अपन अलगे प्रभाव छोड़िस हे । वोला डायरी लिखे के रुचि रहय । वोकर डायरी मा राष्ट्रीय, प्रादेशिक, जिला के संगे संग स्थानीय गाँव के मुख्य घटना मन के उल्लेख हवय । ये बात ला मोला तब पता चलिस जब वोहा मोला अपन डायरी ला उतारे बर अउ दूसर डायरी दिस ।संगे संग महू ला   21 जुलाई 1994 मा डायरी भेंट करिस । येहा वो समय रिहिस जब वोकर तबियत खराब रहय । वोकर डायरी ले पढ़े से मोला पता चलिस कि वोला केैन्सर रिहिस । रायपुर मा ईलाज कराय रिहिस । वोकर साहित्य सेवा ला देखके समाज सेवी संस्था  उदयाचल राजनांदगांव हा एक भव्य समारोह मा सम्मानित करे रिहिस । अइसन कतको गुण के धनी दीपक हा सिरिफ  50 बरस के उम्र मा  7 जनवरी 1995 मा भगवान ला प्यारा होगे. जब वोहा स्वर्गवासी होइस ता वोकर पिता जी दुकालूराम दीपक बढ़ई हा ये दुनियां मा रिहिस हे ।

वोहा समाचार पत्र खूब पढ़य ।वोहा साहित्यिक अंक के गजब अगोरा करय । दीपक जी के मंझला भाई समारु राम दीपक हा पत्रकार हवय ।स्व. दीपक जी हा गजब समाचार बनाय ।लोगन मन ला प्रेरित करके आस पास के गाँव के समस्या के संगे संग रचनात्मक काम के समाचार मंगाय अउ बढ़िया से बनाके दैनिक सबेरा संकेत राजनांदगांव अउ दैनिक नवभारत रायपुर मा प्रकाशित करवाय । वो समय पेपर मन के संस्करण नहीं रहय ।कोनो भी समाचार ला पूरा राज्य भर के मन पढ़य ।  वोकर अउ भाई मा चुन्नू लाल दीपक हा सेवा निवृत्त क्लर्क अउ यशवन्त कुमार दीपक हा शासकीय कमलादेवी महाविद्यालय राजनांदगांव मा क्लर्क हवय । चुन्नू लाल दीपक हा दुर्ग अउ यशवन्त कुमार हा राजनांदगांव मा रहिथे.दीपक जी के दो लड़का हवय जीतेश कुमार दीपक अउ सूर्यकान्त दीपक ।

  दीपक जी ला शत् शत् नमन हवय... 🙏🙏💐💐

            


ओमप्रकाश साहू" अंकुर "  सुरगी, राजनांदगांव

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