वीरेंद्र कुमार साहू शास्त्रीय संगीत एवं लोकसंगीत में एक जाना पहचाना नाम है

                          

वीरेंद्र कुमार साहू पिता स्व.रामगुलाल साहू शास्त्रीय संगीत एवं लोकसंगीत में एक जाना पहचाना नाम है।इनकी जन्मतिथि 01/01/1969 है,तथा इनकी शैक्षणिक योग्यता-एम ए अर्थशास्त्र है।वहीं इनको संगीत सितार एवार्ड-डॉ आंबेडकर फेलोशिप एवार्ड दिल्ली2006 एवम राष्ट्रीय संगीत भूषण एवार्ड 2006 उत्कल राष्ट्रीय संस्थान कटक उड़ीसा  शिक्षक सम्मान संगीत रत्न सम्मान संगीत कला सम्मान, कला साहित्य सम्मान से नवाजा गया है।शास्त्रीय संगीत सुगम संगीत और लोकसंगीत तीनो विधाओं में कुशल गायन वादन का नेतृत्व इनकी पहचान है।कत्थक नृत्य में बतौर गायक हारमोनियम संगतकार के रूप में देश भर में प्रस्तुतियाँ दी।साथ ही राज्यस्तरीय युवा उत्सव में हारमोनियम वादन सितार वादन में प्रथम एवम द्वितीय स्थान प्राप्त किया।राष्ट्रीय युवा उत्सव में13 बार कत्थक में संगतकार बतौर छतीसगढ़ का नेतृत्व भी किया।छतीसगढ़ राज्य स्तरीय युवा उत्सव 2020 में 40वर्ष से ऊपर सितार वादन में प्रथम स्थान। लोककला मंच के कई कार्यक्रमों से जुड़कर गीत संगीत में कार्य में इनका विशेष योगदान है।दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर के गुरु शिष्य परम्परा में लोकगाथा विषय पर कार्य पर शोध किया । 

वर्तमान में आप प्राचार्य पद पर श्रीकृष्ण संगीत महाविद्यालय धमतरी(24वर्ष)से अपना दायित्व निभा रहे हैं।अन्य वादन में हारमोनियम बेंजो गिटार सितार वायलिन बांसुरी कीबोर्ड मेंडोलिन वादन में भी आप पारंगत है। संगीत महाविद्यालय में निर्धन विकलांग को संगीत प्रशिक्षण में सहयोग एवम मार्गदर्शन के साथ साथ विगत 20वर्षों में कई विद्यार्थीयों को मार्गदर्शन में प्रोफेसनल गायक वादक एवम संगीत की शिक्षा लेकर स्वंय एक कुशल  शिक्षक के रूप में स्थापित है।




         
रवि रंगारी 
(ब्यूरो चीफ)
लोककला दर्पण
राजनांदगांव
मो.9302675768

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