साहित्यिकार,कवि के अलावा, एक कुशल उदघोषक भी है- प्रीतम कोठरी(समीर)



बचपन से ही साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों में दखल रखने वाले प्रीतम कोठरी (समीर) साहित्यिकार के अलावा कुशल उदघोषक और कवि भी है।वनांचल कि विभिन्न समस्याओं और तपती तपिश की धूप ने इनकी कलम और इनकी सुमधुर आवाज ने उदघोषक, कवि और साहित्यिकार बना दिया।


कार्यक्षेत्र व कार्य पद.....

वर्तमान में प्रीतम कोठरी ग्राम-सीताकसा तहसील- छूरिया जिला- राजनांदगांव में एक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।पर्यावरण स्नेहिल इस व्यक्ति ने अपनी शाला को मुर्त रूप देकर सुहावनी आभा के साथ कलम से विभिन्न मुद्दों पर ज्वंलत कविताएं एवं आलेख लिखे हैं।साहित्य के अलावा मंच पर रात भर लगातार अपने ओजस्वी और दबंग आवाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले प्रीतम कोठरी साहित्यिक भाषा की चहक हैं।आपने साहित्य और कविताओं में निर्मल व धारधार शब्दों को पिरोने वाले प्रीतम कोठरी ने अपनी कलम का लोहा मनवाया हैं।

साहित्यिक गुरु व सास्कृतिक गुरु.....

प्रीतम कोठरी साहित्यिक क्षेत्र में अपना मार्गदर्शक गुरु पदमश्री श्यामलाल चतुर्वेदी जी पं रामहद्रय तिवारी जी(वरिष्ठ साहित्यकार) श्री आर,एस,नायक(पुलिस उप निरीक्षक) श्री बी,एस नायक ( रजिस्ट्रार) को मानते हैं, वहीं अपने आप को एकलव्य तुल्य शिष्य मानते हुए लोककला विधा हेतु अपना गुरु पं रामहद्रय तिवारी जी,स्वं खुमान साव, श्रीमती कविता वासनिक, श्री विवेक वासनिक श्री हेमलाल कौशल इत्यादि लोक कलाकारो को लोकयात्रा के तहत अपना नमनवत गुरु मानते हैं।

साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सम्मान......

लगभग हर विधाओं में अपनी गहरी पकड़ रखने वाले प्रीतम कोठरी संघर्षशील व्यक्तितत्व का आईना हैं।इन्हें सांस्कृतिक, शिक्षा व लोककला यात्रा में सन् 2017 में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण, अरिविन्दों सोसायटी नई दिल्ली द्वारा सन् 2018 में धन्यवाद पत्र,पं रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा बेचुरल आँफ आर्ट्स की उपाधि, सामाजिक उत्तरदायित्व प्रकोष्ठ भिलाई इस्पात संयंत्र के द्वारा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।वहीं सांस्कृतिक क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की स्वर कोकिला श्रीमती कविता वासनिक कृत "अनुराग-धारा "लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में लगभग दो साल तक उदघोषक का दायित्व, साथ ही आकाशवाणी, दुरदर्शन कलाकार महादेव हिरवानी कृत "धरोहर" लोककला मंच में 7 वर्षो तक उदघोषक का स्थान संम्हाला।वर्तमान में प्रीतम कोठरी छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध हास्य कलाकार श्री हेमलाल कौशल कृत "राग-अनुराग" में सहर्ष उदघोषक की भूमिका निभा रहे हैं।वनांचल से शहर तक संघर्ष के साथ अपने आप को स्थापित करने वाले श्री प्रीतम कोठरी(समीर) को उनके दायित्वों, उनके परिश्रम और उनके अथक जज्बे को कला साहित्य व लोककला यात्रा के समस्त सिपाहियों द्वारा सादर नमन् और वंदन, साथ ही कला जगत उनके सतत् प्रगति पथ की कामना करता है।





रवि रंगारी
(ब्यूरो चीफ)
लोककला दर्पण
राजनांदगांव
मो- 9302675768

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