रिदम की थाप पर,सांम जस्य बनाना ही कुशल नृत्य कला हैं-नीलम मानिकपुरी



छत्तीसगढ़ का जिला -बालोद में सम्मिलित गुण्डरदेही कि पावन माटी पर अपनी नृत्यकला व नृत्य निर्देशन से हजारों संख्या में उपस्थित दर्शकों को अपनी ओंर आकर्षित करने वाले नीलम मानिकपुरी लोक जगत के चेहता सितारा हैं।1जून सन् 1964 में पिता-स्वं नम्भूंदास मानिकपुरी व माता-स्वं जैनबाई के घर जन्मे मानिकपुरी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर बी,ए तक शिक्षित हैं।


सांगितीक यात्रा का सृजन........

प्रारंभ से ही पारिवारिक माहौल संगीत के प्रति रूचिकर था।माताश्री श्रीमती जैनबाई खुद एक होनहार कलाकार थी।बचपन से ही नीलम मानिकपुरी का जुडाव लोककला संगीत से जुड़ा था।इसके चलते ही आप एक कुशल नर्तक के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की और अपनी कला महारत को जन जन तक पहूँचाया।

अन्य कला विधा....

नीलम मानिकपुरी कुशल नेतृत्व के साथ कुशल निर्देशक के साथ साथ अपनी कला विरासत को जनमानस तक पहूँचाने के लिए अनगिनत संघर्षों का सामना करना पडा़।सांगितीक क्षेत्र में रहते हुए इन्हें हूनरमंद बनने की जिज्ञासा प्रज्ज्वलित हुई।इसी के तहत पारिवारिक जीवन यापन ,पालन पोषण के लिए एक कुशल टेलर का साफा अपने सर पर रख लिया और अपने उत्कृष्ट कार्यो से जनमानस के बीच अपना अव्वल स्थान दर्जे किया तथा एक सफल टेलर के रूप में स्थापित है।


कला यात्रा का आरंभ...

नीलम दास मानिकपुरी ने अपनी कला यात्रा का प्रारंभ विभिन्न संस्थाओं से किया।जिनमें मुख्य रूप से दिल्ली दूरदर्शन व रायपुर दूरदर्शन की शासकीय योजनाओं के तहत प्रदर्शन किए जिसमें साक्षरता मिशन के तहत प्रसारित प्रदर्शन में कुशल नृत्य निर्देशक का दायित्व निभाया,वहीं मितानिन योजना के अंर्तगत बिलासपुर तथा संम्पूर्ण छत्तीसगढ़ के समस्त कलाकारों को एकजुट कर निर्देशक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


चलते-चलते शुभकामनाएं....

नीलम दास मानिकपुरी ने अनगिनत मंचो के साथ अपनी कला कौशल को साँझा किया।लेकिन प्रमुख मंचो से इन्हें बेहद लगाव था जिसमें खुमान साव कृत चंदैनी गोंदा, श्रीमती कविता वासनिक कृत अनुराग धारा में अपनी सेवाएं प्रदान की, वर्तमान में आप राकेश साहू कृत संगी के मया में बतौर नृत्य निर्देशन के साथ एक कुशल कलाकार की भूमिका बखूबी निभा रहे है।छत्तीसगढ़ माटी के इस होनहार कलाकार ने सदैव अपनी जिज्ञासा के अनुरूप कई सामाजिक कार्यों में अपनी सहभागिता निभाई साथ ही साथ एक कुशल नर्तक के रूप में छत्तीसगढ़ का गौरवमान बढाया हैं।ऐसे बहूचर्चित व बहुमुखी प्रतिभा को कलाकार वृंद,नित नये आयामों के साथ पथप्रदर्शक की भूमिका के लिए स्नेहिल शुभकामनाएं देता है और उज्जवल भविष्य की कामना करता है।





रवि रंगारी
(ब्यूरो चीफ)
लोककला दर्पण
राजनांदगांव
मो- 9302675768

टिप्पणी पोस्ट करें

0 टिप्पणियां