तबला वादन मे बहूचर्चित नाम है-रवि गजेंद्र....

संक्षिप्त परिचय......

धमतरी की पावन धरा पर जन्मे रवि गजेंद्र शास्त्रीय संगीत एवं लोकसंगीत के बेजोड़ तबला संगतकार है।शैक्षणिक स्तर पर आपने बी,ए गायन व एम,ए तबला इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से प्राप्त की है।श्री पी,के गजेंद्र एवं माता श्रीमती रोहणी गजेंद्र के घर 6 जून सन् 1971 को जन्मे रवि गजेंद्र छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के गुरुतुल्य प्रतिबिंब हैं।

सांगितीक यात्रा के साथ, व्यवहार कुशलता....

एशिया की एकमात्र संगीत विश्वविद्यालय इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय से आपने पारंगत गुणीजनों गुरूओं के सानिध्य में संगीत की शिक्षा प्राप्त की है।हंसमुख,मृदृभाषी,सह्रदय व्यक्तितत्व के धनी व्यवहारिक रूप से सरल व्यक्तितत्व के धनी हैं।

बाल्यकाल से ही संगीत के प्रति रूझान....

बचपन से ही संगीत के प्रति रूझान और निरंतर अभ्यास ने इन्हें एक उम्दा कलाकार बना दिया।विगत कुछ वर्षो से रवि गजेंद्र लगातार अपने कलामर्म से अपने शिष्यों को निरंतर संगीत की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।रवि गजेंद्र कि इस सांगितीक अनुभूति और उनकी निस्वार्थ शिक्षा प्रदाय को छत्तीसगढ़ के कलाकार नमन् करते है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते है।




रवि रंगारी
(ब्यूरो चीफ)
लोककला-दर्पण
राजनांदगांव
मो-9302675768

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