रिलोगीत - छत्तीसगढ़ का जनजातीय विवाह गीत



रिलो..रिलो..रिलो..साँय रिलो रे...

मोर सुरडोंगर गाँव के सुघर डोंगरी।

बालोद जिला डौण्डी ब्लाक आदिवासी गाँव
इस्कूल मेर हनुमान मंदिर हवय पीपर छाँव
गाँव के निंगती हवय माता सीतला के पाँव
भेंट पलयगी अउ मया-पिरीत के ठाँव
लइका रेंगय गली मं दाई के धरे अंगरी
मोर सुरडोंगर गाँव...।

हर्रा बेहरा आँवरा के फर
टोंरय जेला दवई बूटी बर
चारों डहर हरियरे हरियर
कुआँ के पानी आरुग फरियर
नरुवा मं तँवरय मछरी मोंगरी
मोर सुरडोंगर गाँव...।

नंदन बन कस लगय खेतखार
मलय बन महकय मेड़पार
बखरी मं झूलय तोरई-तुमा नार
चिरई खोंधरा मं लदाये डारेडार
कारी कोइली कूहकय जस पिरीत पोंगरी
मोर सुरडोंगर गाँव...।
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@ टीकेश्वर सिन्हा "गब्दीवाला"
    बालोद, छत्तीसगढ़.

* धियान : गाँव सुरडोंगर मोर पहली इस्कूल गाँव रिहिस।
                   @ टीकेश्वर सिन्हा"गब्दीवाला"

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